About Us
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who we are?
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our story
श्री नौनिधि सेवा संस्थान की शुरुआत सनातन संस्कृति के पुनरुत्थान और निस्वार्थ समाज सेवा के एक पावन संकल्प के साथ हुई थी। उदयपुर की इस पावन धरा पर, हमने महसूस किया कि आधुनिकता की दौड़ में हमारी प्राचीन शिक्षा, संस्कार और जीव-दया के मूल्य कहीं पीछे छूट रहे हैं। इसी सोच के साथ, समाज के सहयोग से हमने एक ऐसा परिसर स्थापित करने का बीड़ा उठाया जहाँ अध्यात्म और सामाजिक सरोकार एक साथ मिलकर समाज को नई दिशा दे सकें।
our foundation
हमारी नींव "धर्मो रक्षति रक्षितः" और "सेवा परमो धर्मः" के सिद्धांतों पर टिकी है। संस्थान मुख्य रूप से पाँच प्रमुख स्तंभों पर कार्य कर रहा है: श्री नृसिंह द्वारा श्री मीठाराम जी मंदिर के माध्यम से भक्ति का प्रसार, श्री रामानंद वेदविद्या पीठ गुरुकुलम् द्वारा संस्कारों का सिंचन, श्री स्वामी रामानंद गौशाला व जीव संरक्षण के जरिए मूक प्राणियों की सेवा, और श्री माता राम अन्नक्षेत्र के माध्यम से समाज में कोई भी भूखा न रहे, यह सुनिश्चित करना।
"Our Sacred Initiatives"
आपके द्वारा दिया गया एक छोटा सा सहयोग संस्थान की इन पवित्र परियोजनाओं को निरंतर चलाने और हमारी संस्कृति को सुरक्षित रखने में बहुत बड़ी भूमिका निभाता है। आइए, इस पुण्य कार्य का हिस्सा बनें।
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श्री रामानंद वेदविद्या पीठ गुरुकुलम्
गुरुकुल के बच्चों के लिए निशुल्क वेद शिक्षा, आधुनिक ज्ञान, आवास और संस्कारों की व्यवस्था हेतु सहयोग करें।
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श्री स्वामी रामानंद गौशाला व जीव संरक्षण
बीमार, बेसहारा गौवंश के उचित इलाज, चारे, पानी और मूक जीवों के संरक्षण अभियान के लिए अपना योगदान दें।
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श्री माता राम अन्नक्षेत्र (मां सरस्वती)
"कोई भी भूखा न सोए" के संकल्प के साथ गुरुकुल के विद्यार्थियों और जरूरतमंदों को सात्विक भोजन कराने में मदद करें।
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हमारा उद्देश्य (Our Mission)

श्री नौनिधि सेवा संस्थान, उदयपुर का मुख्य उद्देश्य समाज में सनातन संस्कृति के मूल्यों को पुनर्जीवित करना और निस्वार्थ भाव से मानवता की सेवा करना है। हम श्री रामानंद वेदविद्या पीठ गुरुकुलम् के माध्यम से नई पीढ़ी को प्राचीन वैदिक शिक्षा, नैतिक संस्कार और आधुनिक ज्ञान का एक सुंदर समन्वय प्रदान करने के लिए पूरी तरह समर्पित हैं। इसके साथ ही, हमारा यह दृढ़ संकल्प है कि श्री माता राम अन्नक्षेत्र के माध्यम से समाज का कोई भी निर्धन या असहाय व्यक्ति भूखा न सोए। हम श्री स्वामी रामानंद गौशाला और जीव संरक्षण अभियान के अंतर्गत बेसहारा व बीमार गौवंश को सुरक्षित आश्रय, उचित चिकित्सा और स्नेह प्रदान करके प्रकृति और मूक प्राणियों की रक्षा के पवित्र कार्य में निरंतर लगे हुए हैं।

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हमारा दृष्टिकोण (Our Vision)

हमारा दृष्टिकोण एक ऐसे करुणामयी, सुसंस्कृत और आत्मनिर्भर समाज का निर्माण करना है जहाँ अध्यात्म और सामाजिक जिम्मेदारी एक साथ मिलकर काम करें। हम एक ऐसे भविष्य की परिकल्पना करते हैं जहाँ आधुनिक विकास की दौड़ में मानवीय मूल्य और हमारी प्राचीन सभ्यता कहीं पीछे न छूटें, बल्कि दोनों एक दूसरे के पूरक बनें। हमारा लक्ष्य उदयपुर की इस ऐतिहासिक धरा पर सेवा और सदाचार का एक ऐसा जीवंत केंद्र स्थापित करना है, जो आने वाली पीढ़ियों के लिए देशभक्ति, संस्कृति और जीव-दया का मार्ग प्रशस्त करे और पूरे राष्ट्र को निस्वार्थ सामाजिक सेवा के लिए प्रेरित कर सके।

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वैदिक जन्मदिवस उत्सव
हमारे गुरुकुल में बच्चों का जन्मदिन केक काटकर नहीं, बल्कि सनातन परंपरा के अनुसार दीर्घायु और बुद्धि-बल की कामना के लिए पावन यज्ञ-हवन, मंत्रोच्चार और गौ-सेवा करके मनाया जाता है।
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योग एवं शारीरिक विकास
स्वस्थ शरीर और एकाग्रता के लिए विद्यार्थियों को प्रतिदिन सुबह प्राणायाम, सूर्य नमस्कार और विभिन्न आसनों का गहन योग प्रशिक्षण दिया जाता है, जो उन्हें मानसिक और शारीरिक रूप से सुदृढ़ बनाता है।
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सात्विक भोजन प्रसाद
श्री माता राम अन्नक्षेत्र के सहयोग से सभी बटुकों को प्रतिदिन शुद्ध और सात्विक भोजन आदरपूर्वक परोसा जाता है। भोजन से पूर्व बच्चे कृतज्ञता भाव से सामूहिक भोजन मंत्र का पाठ करते हैं।
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पर्यावरण एवं प्रकृति संरक्षण
जीव संरक्षण संकल्प के अंतर्गत हमारे विद्यार्थी परिसर और आसपास के क्षेत्रों में नियमित पौधारोपण करते हैं। बच्चे इन पौधों को लगाने के साथ-साथ उनके बड़े होने तक उनकी पूरी देखरेख भी करते हैं।
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पावन गुरु दीक्षा संस्कार
गुरुकुल परंपरा के अनुसार नए विद्यार्थियों के प्रवेश पर पूजनीय गुरुदेव द्वारा वैदिक मंत्रोच्चार के साथ दीक्षा दी जाती है, जहाँ शिष्य अंधकार से प्रकाश और सदाचार के मार्ग पर चलने का संकल्प लेता है।
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